रविवार, 31 जनवरी 2010

तोषी-वूजूद की तलाश में “चिट्ठाकार-चर्चा” (ललित शर्मा)

हमारा छत्तीसगढ़ प्रतिभाओं से लबालब भरा हुआ है. यहाँ किसी चीज की कमी नहीं है. बहुमुल्य रत्नो खनिजों से लेकर योग्य प्रति्भाओं तक्। सब कुछ है, पर कु्छ वर्षों से पिछ्ड़े होने का ठप्पा लगा दिया गया है. लेकिन छत्तीसगढिया पिछड़ा कहीं से नहीं है. प्रत्येक कार्य में अपनी कुशलता और प्रतिभा का परिचय अवश्य ही देता है. नई विधाओं में भी इन्होने हाथ अजमाया है. यह देखने में आया है ब्लागिंग के क्षेत्र में. इस क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. पुराने (सीनियर)  ब्लागरों की छत्र-छाया में नए ब्लागर भी पनप रहे हैं तथा उनका भरपूर स्नेह के साथ मार्ग दर्शन भी दिया जा रहा है. मै सीनियर ब्लागरों को प्रणाम करता हूँ तथा मैं ललित शर्मा आपको ले चलता हूँ आज की चिट्ठाकार चर्चापर......................
हमारी आज की चिट्ठाकार चर्चा में शामिल ब्लागर हैं तोषी गुप्ता जी. शिक्षा के क्षेत्र से जुडी हैं. इन्होने अभी ब्लाग पर कम ही लिखा है लेकिन ज्वलंत विषयों की समझ रखती है. अपने विचार स्पष्ट रूप से रखती है.इनके ब्लाग का नाम है तोषी-वुजूद की तलाश में. इनकी पहली पोस्ट तोषी गुरुवार १३नवम्बर २००८ की है. जिसमे अपने नाम के शब्दार्थ बताती हैं.
तोषी अपनी प्रोफाईल पर लिखती हैं........

toshi gupta

मेरे बारे में

....स्कूल में थी जब अपनी भावनाओ को डायरी के पन्नो में सहेज कर रखती थी, पन्ने भरते गए और इधर ज़िन्दगी पन्ने भी बदलते गए,...फिर अपने दिल कि बातो को प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यमो से लोंगो तक पहुचाती रही...फिर जिंदगी के मायने ही बदल गए... फिर लगा ज़िन्दगी रूक सी गई है...थम सी गई है..पता चला मै अपनी प्यारी सखी, अपनी डायरी से दूर जो हो गई हू...पीछे पलट कर देखा, ऐसा लगा मेरी प्यारी सखी मेरा अभी तक इंतज़ार कर रही है.दौड़कर उसका हाथ थाम लिया,ज़िन्दगी भर साथ निभाने के वायदे के साथ...इस ब्लॉग "तोषी" के माध्यम से...
इनकी पहली पोस्ट

toshi

"toshi'..........toshi means
1.........happiness giver................(in my knowledge)
2......... "A M R I T" in hindi (holy water in english)!!!
3......... means mirror image in urdu it means a person who is loved by every one
4..........means profit in hindi its munafa
5.......... meaning as "A feeling of self sufficiency" In other words Content.
6..........means "Treasure".....
7..........means : "S A T I S F A C T I O N".
8.......... TOSHI comes from the Sanskrit word "Tusht" which means Satisfaction...so Toshi would be a person who is satisfied with what he/she has...
dont know what is the actual meaning but sure abt ....toshi.......
i want 2 do something very special and unique in my life coz i think i am very special and unique so i must do very special and unique.......................................
sometimes situations may be very opposite but i never fell down,and i know very well that i will achieve my goal...........................................
yes........i can do what i want to do..................................................
hey,one more thing which is more important abt me that is......................
I Am What i AM......and.....................I don care what peaple think abt me..............................

इनकी अद्यतन पोस्ट

मंगलवार, २६ जनवरी २०१०


मीडिया में नारी शोषण ....................
नारी कुदरत क़ी बनाई अनिवार्य रचना है ,जिसके उत्थान हेतु समाज के बुद्धिजीवी वर्ग ने सतत संघर्ष किया है। आज क़ी बहुमुखी प्रतिभाशील नारी उसी सतत प्रयास का परिणाम है। आज नारी ने हर क्षेत्र में अपना प्रभुत्व कायम किया है, चाहे वह शासकीय क्षेत्र हो या सामाजिक, घर हो या कोर्ट कचहरी , डाक्टर, इंजिनीयर, अथवा सेना का क्षेत्र, जो क्षेत्र पहले सिर्फ पुरुषो के आधिपत्य माने जाते थे, उनमे स्त्रियों क़ी भागीदारी प्रशंसा का विषय है। इसी तरह प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया भी स्त्रीयों क़ी भागीदारी से अछूता नहीं है ।
प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया समाज के दर्पण होते है, जिसमे समाज अपना अक्श देखकर आत्मावलोकन कर सकता है । पिछले कई वर्षो से मीडिया में नारी क़ी भूमिका सोचनीय होती जा रही है। आज प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया जिस तरह नारी क़ी अस्मिता को भुना रहा है, वह जाने - अनजाने समाज को एक अंतहीन गर्त क़ी ओर धकेलते जा रहा है। इसका दुष्परिणाम यह है क़ी आज नारी ऊँचे से ऊँचे ओहदे या प्रोफेशन में कार्यरत क्यों ना हो वह सदैव एक अनजाने भय से ग्रसित रहती है। क्या है ये अनजाना भय ? निश्चित रूप से यह केवल उसके नारी होने का भय है जो हर समय उसे असुरक्षित होने का अहसास दिलाता रहता है। आलम यह है क़ी आज नारी घर क़ी चारदीवारी में भी अपनी अस्मिता बचने में अक्षम है।

अब चिट्ठाकार चर्चा को देता हूँ विराम- आप सभी को ललित शर्मा का राम-राम

14 टिप्पणियाँ:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

एकल चर्चा बहुत ही सुन्दर रही!
तोषी जी से ब्लॉग-जगत को परिचित तोषी जी से कराने के लिए आभार!

Udan Tashtari ने कहा…

आभार इस परिचय का!

राजीव तनेजा ने कहा…

तोषी जी से परिचय करने के लिए बहुत-बहुत आभार

श्याम कोरी 'उदय' ने कहा…

.... चिट्ठाकार चर्चा ....कमाल-धमाल ....वाह-वाह.... तोषी जी का परिचय....लाजबाव !!!

जी.के. अवधिया ने कहा…

तोषी जी के परिचय के लिये धन्यवाद ललित जी!

डॉ महेश सिन्हा ने कहा…

बढ़िया चर्चा कर रहे हैं

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

तोषी जी से परिचय अच्छा लगा !

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

अच्छा लगा एक और व्यक्तित्व से मिलकर.

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

तोषी अपने नाम की तरह सार्थक है. उन्हे हमारा आशिर्वाद श्नेह और शुभकामनाये.

हिमांशु । Himanshu ने कहा…

तोषी जी से परिचित कराने का शुक्रिया । आभार चर्चा के लिये ।

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

तोषी जी से परिचित कराने का शुक्रिया...

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

ब्लॉग जगत के एक सक्रिय सदस्य से परिचित होना बढ़िया लगा...बढ़िया प्रयास बधाई ललित जी

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

तोषी गुप्ता जी से परिचय कराने के लिये आपका धन्यवाद!! ओर उन्हे शुभकामनाऎँ!!!

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

आभार इस परिचय के लिये.

रामराम.